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Showing posts from October, 2024

Advantages of accounting standards in points

advantages of accounting standards in points लेखांकन प्रमाप वित्तीय विवरणों को एकरूपता और तुलंनात्मक प्रदान करते है। advantages of accounting standards in points  लेखांकन प्रमाप वित्तीय विवरणों की विश्वसनीयता और प्रमाणिकता में सुधार लाते है। लेखांकन प्रमाप विभिन पक्षकारो के बीच वित्तीय हितो के संघर्ष को सुलझाने में सहायक होते है। लेखांकन प्रमाप हेराफेरी और कपट की संभावनाओं को कम करते है। auditors को सहायता प्रदान करते है। लेखांकन प्रमाप वित्तीय विवरणों को एकरूपता और तुलंनात्मक प्रदान करते है  लेखांकन प्रमाप कई organization के बीच वित्तीय विवरणों में तुलना को प्रदर्शित करते है , और इसके द्वारा विभिन्न अवधिं के बीच में तुलात्मंक अध्यन करने में मदद मिलती है , ये वित्तीय विवरण बनाते समय प्रयोग की जाने वाली अवधारणाएँ , मानयताएं , नियमों  की तुलना करती है जिससे की संस्था को लाभ प्राप्त होता है। लेखांकन प्रमाप वित्तीय विवरणों की विश्वसनीयता और प्रमाणिकता में सुधार लाते है किसी भी संस्था में लेखांकन सूचनाओं में हिट रखने वाले अनेक पक्ष्कार होते है , जैसे प्रबंधक , विनियोगकर्ता , ल...

Nature of accounting standards in hindi

Nature of accounting standard in hindi  इसके द्वारा से एक से अधिक लेखांकन समस्याओं को ठीक करने के लिए एक अच्छी पद्धति है। ये वित्तीय विवरण तैयार करने वाले लेखकरो को सुचना प्रदान करता है की वित्तीय विवरण किस आधार पर तैयार किया गया है। लेखांकन प्रमाप लेखांकन नीतियों के द्वारा कार्य करता है , और ये सुनिश्चित करता है की लेंन -देनो और घटनाओ को किस तरह से लेखांकन किया जाये , और इनका वित्तीय विवरण किस तरह से बनाया जाये प्रदर्शित किया जाये। लेखांकन प्रमापों द्वारा अलग -अलग प्रकार  के नीतियों और व्यवाहरो से होने वाले प्रभावो को दूर करता है जिसे व्यवसियक इकाइयों में तुलना करना संभव हो जाता है। इसके द्वारा सीमा को निर्धारित किया जाता है , जिसके द्वारा लेखाकरो को कार्य करने में आसानी आती है।

what is accounting standards in hindi

  Accounting standards क्या है ? what is accounting standards in hindi :- accounting standards एक मानक है जिसके अनुसार किसी भी कंपनी का लाभ हानि स्थिति विवरण , वित्तीय विवरण सभी इन प्रमाप के आधार से  होना चाहिए ये मानक Indian institute of charted accountant द्वारा संशोधित कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 133 के अंतर्गत कार्य करती है , और ये सभी नियम केंद्र सरकार द्वारा नियंत्रित किये जाते है Concepts of accounting standards in hindi लेखांकन प्रमापों को लेखांकन संस्थाओ द्वारा प्रकासित किये गए विवरणों द्वारा परिभाषित किया जा सकता है , जिसमे वित्तीय स्थिति बनाने के लिए के समान नियम और व्यवाहर निश्चित किये गए हो।

Need of accounting principles class 11 in hindi

लेखांकन सिद्धांत की आवश्य्कता क्या है ? Need of accounting principles class 11 :- लेखांकन को सही ढंग से बनाने के लिए हमें लेखांकन सिद्धांतो की अवयस्कता होती है , इसमें विभिन्न सूचनाएं के बीच तुलना की जाती है जिससे अधिक जानकारी प्राप्त होती है। ये सभी नियम GAAP द्वारा नियंत्रित किये जाते है। लेखांकन के सिद्धांतो के प्रकार ( Kinds of accounting principles ) क्या है ?  लेखांकन के सिद्धांतो के नाम  कई तरह के है , जैसे conventions , assumptions , concepts , doctrines , postulates आदि। हम इन सभी के आधार पर लेखांकन के सिद्धांतो को दो भागो में बाँट सकते है। लेखांकन परिपाटियाँ ( Conventions ) लेखांकन अवधारणाएँ ( Concepts ) या मान्यताएं ( Assumptions ) लेखांकन अवधारणाएँ ( Concepts ) या मान्यताएं ( Assumptions ) लेखांकन अवधारणाएँ ( Concepts ) या मान्यताएं ( Assumptions ) क्या है ?  need of accounting principles class 11 in hindi लेखांकन को सभी व्यक्तियों में एक जैसा बनाने के लिए लेखांकन में कुछ अवधारणाएं और कुछ मानवताये द्वारा लेखाकरण किया जाता है बिना इनके कोई वित्तीय विवरण को नहीं बनाया जा सकत...

Accounting principles kya hai

Meaning of Accounting Principles ( लेखांकन सिद्धांतो का अर्थ ) Accounting principles kya hai :- पहले के समय में लेखांकन विवरणों को केवल व्यवासय के स्वामी की ही जररूत होती थी , लेकिन अब व्यवसाय में हित रखने वाले विभिन पक्षकारो जैसे :- विनियोगकर्ता , व्यवसाय के स्वामी , लेनदार , सरकार को इनको जरूरत होती है , लेखांकन विवरण पक्षकारो के सामने व्य्वसाय को लाभप्रदर्ता और क्षमता को दिखात है , और ये सभी विवरण एक निश्चित नियमो के आधार पर बनाये जाते है , इस कारण ये नियम सर्वमान्य लेखांकन  सिद्धांत कहलाता है।  लेखांकन सिद्धांत की प्रकृति और विशेषतएं ( nature of accounting principles in hindi ) accounting principles in hindi लेखांकन सिद्धांत एक मार्गदर्सक और एक सामान नियम है , जिसका प्रयोग लेखांकन सूचनाओं को एक जैसा बनाने और आसानी से समझने योग्य बनाने के लिए किया  जाता है।  लेखांकन principles मानवकृत है , इनका निर्माण अनुभव के आधार पर किया गया है।  ये principles स्थिर नहीं होते , और कुछ नीतियां बदलने के बाद इसमें भी परवर्तन आता रहता है।  लेखांकन principles किसी भी स्वीकार्यता पर निर्भर नहीं करती है...

Basic terms of accounting in hindi

Basic terms of accounting क्या है ? Basic terms of accounting in hindi :- accounting के कुछ ऐसे आधारभूत terms ( शब्द ) है , जिनका प्रयोग हम accounting में प्रतिदिन करते है , इस कारण जब हम पुस्तक बनाते है तो इन सभी शब्दो का प्रयोग करते है , इसलिए हमे पुस्तक बनाने से पहले इन शब्दो का ज्ञान होना आवश्यक है , जिसके बिना हम लेखांकन को सही से नहीं कर सकते , इन शब्दो को हम accounting terminology ( लेखांकन शब्दावली ) भी कहते है। Basic terms of accounting class 11 in hindi सम्पत्तियाँ ( Assets ) दायित्व ( Liability ) पूँजी ( Capital ) व्यय ( Expenses ) आय ( Income ) खर्च ( Expenditure ) आगम ( Revenue ) व्यापारिक प्रापय ( Trade Receivables ) व्यापारिक देताये ( Trade payables ) माल ( Goods ) लाभ ( Gain ) लागत ( Cost ) स्टॉक , रहतिया ( stock or inventory ) विक्रय ( Sales ) क्रय ( Purchase ) हानि ( Loss ) Profit ( लाभ ) प्रमाणक ( Voucher ) कटौती ( Discount ) व्यापारिक लेन -देन ( Business Transactions ) घटना ( Event ) प्रविष्टि  ( Entry ) आहरण ( Drawing ) डूबत ऋण ( Bad Debts ) दिवालिया ( Insolve...

statistical process control spc kya hai

Statistical process control ( Spc ) क्या है ? Statistical process control spc kya hai :- एक fundamental approach है , जिसमे data को analysis करके quality control किया जाता  है और उसमे improvement किया जाता है। statistical process control में हम निम्नलिखित को analysis करते है। Process को Measure करना ( Measure the process ) Process में आने वाले Variances को Eliminate करना ( Eliminate Variances in the process ) Process को Monitor करना ( Monitor The Process ) Process को Improve करना ( Improve the process ) Spc की जरूरत क्यों है ? statistical process control spc kya hai Detection – Tolerates Waste Prevention – Avoids Waste Meaning Of Detection in hindi   Detection का मतलब inspection के results को confirmation करना है , इसको good और bad parts को sorting करके किया जाता है। ये जब किया जब defected parts बन जाते है।  इससे हमारे resources जैसे Man , Machine, Material , और Method का loss होता है। Statistical process control spc kya hai  क्या 100 % Inspection क...

Advantages of accounting in hindi class 11

Advantages of accounting in hindi   :- लेखांकन द्वारा व्यवसाय को कई तरह के लाभ होते है  बिना लेखांकन के द्वारा हम किसी भी तरह के व्यवासय को नहीं चला सकते है।  accounting के लाभ निम्नलिखित है।  लेखांकन के लाभ निम्नलिखित है :- व्यवसाय के प्रबंध में सहायक योजना बनाने में उपयोगी निर्णय लेने में सहायक नियंत्रण में सहायक सही तरह लेखा रखने में सहायक लाभ और हानि की गणना करने में वित्तीय स्थिति की जानकारी देने में तुलनात्मक अध्ययन में सहायक करो के दायित्व का निर्धारण करने में सहायक क़ानूनी मामलो में प्रमाण ऋण लेने में सहायक साझेदारी खातों में सहयक अशुद्धियो और कैप्टो को रोकने तथा पता लगाने में सहायक  व्यवसाय के प्रबंध में सहायक वयवसाय को चलाने के लिए प्रबंधको को कई तरह की जानकारी , सूचनाओं की आवयश्कता होती है , जो की लेखांकन से प्राप्त होती है।  इन सभी सूचनाओं से प्रबंधको को  (Advantages of accounting in hindi ) में कई तरह के लाभ मिलता है। योजना बनाने में सहायक ( Advantages of accounting in hindi ) प्रबंधको को किसी तरह का योजना बनाने के लिए अनेक तरह की जानकारी ...

Types of accounting class 11 in hindi

Types of accounting class 11 in hindi :- आज के आधुनिक प्रबंध को कार्यो को और अधिक कुशलतापूर्वक करने के लिए कई तरह के डाटा सूचनाओं की आवश्कता होती है  , इसके लिए प्रबंध को और सही बनाने के लिए लेखांकन में कई तरह के शखाओ का विकास हुआ है जो इस प्रकार  है :-  वित्तीय लेखांकन ( Financial Accounting ) लागत लेखांकन ( Cost Accounting ) प्रबंध्कीय लेखांकन ( Management Accounting ) कर लेखांकन  ( Tax Accounting ) सामाजिक दायित्व लेखांकन ( Social Responsibility Accounting ) 1. वित्तीय लेखांकन ( Financial Accounting )  इसका मुख्य उदेशय व्यवसायिक लेन -देनो का सही तरह लेखा रखना है , और लाभ -हानि खाता बनाकर व्यस्वसाय  में हुए लाभ – हानि को ज्ञात करना है , इसके बाद स्थिति विवरण बनाकर व्यस्वसाय  की वित्तीय स्थिति को प्रकट करना है।  और लेखांकन के इस भाग द्वारा कारको और पक्षकारो को सूचनाएं भी दी जाती है।  2. लागत लेखांकन ( Cost Accounting ) types of accounting class 11 in hindi लागत लेखांकन  का उदेश्य व्यस्वसाय में प्रयोग होने वाली सभी वस्तुएँ और दी जाने वाली सेवाएं की कुल लागत क्या है और प्रति इकाई ...

Bookkeeping and accounting difference in hindi

पुस्तपालन (Book-keeping) क्या है ?   पुस्तपालन एक कला है जिसमे हम व्यवसाययिक और वित्तीय लेन -देनो के मौद्रिक रूप का लेखा पुस्तक में करते है , Bookkeeping and accounting difference in hindi ये मुख्यता पुस्तक लेखा रखने से सम्बंधित है। लेखा पुस्तक को बनाने और रखने के लिए चार क्रियाये किया जाना आवश्यक है :- सभी पहचान किये गए लेन -देनो को मुद्रा के रूप में मापना। सभी तरह के लेन – देनो में से ऐसे लेन देनो की पहचान करना जो वित्तीय प्रकृति के है। पहचान किये गए लेन -देनो का पुस्तक में लेखा करना। सभी के खाताबही को वर्गीकरण करना। पुस्तपालन एक कठिन कार्य है इसे केवल उन्ही लोगो द्वारा पूरा किया जा सकता है जिसको लेखांकन करने की उचित जानकारी हो , और हम (Bookkeeping and accounting difference in hindi )  में  इसको computer के माध्यम से भी कर सकते है। लेखांकन  क्या है ? ( Accounting ) लेखांकन वहां से शुरू होता है जहां से पुस्तपालन के कार्य खत्म हो जाते है।  लेखांकन के कुछ क्रियाये इस प्रकार है :- सभी वर्गीकृत किये गए लेन -देनो का profit और loss account और उनका स्थिति विवरण...

Functions of accounting in hindi

Functions of accounting meaning in hindi लेखांकन के वो कार्य जो सही तरह लेखा करने में  मदद करते है functions of accounting in hindi कहलाता है इसमें हम कई तरह के कार्य द्वारा accounting की प्रक्रिया को सरल बनाते है , और अच्छी तरह से लेखांकन करते है। लेखांकन के कार्य ( Functions of accounting in hindi ) निन्मलिखित है :-  functions of accounting class 11 4 functions of accounting पूरा और सही तरह लेखा रखना विभिन्न पक्षकरो को  वित्तीय परिणामो की जानकारी देना व्यवसाय की सम्पतियो की सुरक्षा करना प्रबंध को सहायता देना Legal ( वैधानिक ) जरूरतों को पूरा करना ट्रस्टी द्वारा कार्य दायित्व को निर्धारण करना Basic functions of accounting जाने लेखांकन के क्या उदेशय है यहां click करे।  प्रमुख कार्य निन्मलिखित है :- 1. पूरा और सही तरह लेखा रखना  ये लेखांकन का सबसे प्रमुख कार्य है जिसमे हम व्यावसायिक लेन – देनो को सही तरह लेखा करते है , इसमें शामिल खाता बही ( Ledger ) को सही तरह भरना और वित्तीय विवरण और लाभ -हानि का विवरण तैयार किया जाता है। 2. विभिन्न पक्षकरो को  वित्तीय परिणामो की जानकारी देना सह...

objective of accounting in hindi

लेखांकन के उद्देश्य क्या है ? लेखांकन की वो सभी कार्य जो व्यवसाय में लाभ अर्जित करने में  अहम् भूमिका रखते है लेखांकन के उदेशय  ( objective of accounting in hindi )  कहलाते है लेखांकन के उद्देश्य निन्मलिखित है Objective of accounting in hindi  objective meaning व्यावसयिक लेन – देनो का लेखा रखना। लाभ – हानि की गणना करना। शुद्ध लाभ और शुद्ध हानि के कारणों को पता लगाना है। व्यवासय की वित्तीय स्थिति  को ज्ञात करना। व्यवसाय की प्रति वर्ष की प्रगति को ज्ञात करना। हानि को होने से रोकना। विभिन्न पक्षकरो को जानकारी देना। 1. व्यावसयिक लेन – देनो का लेखा रखना  लेखांकन में हम सबसे पहले सभी व्यावसयिक लेन -देनो का लेखा करते है , ताकि किसी भी तरह से कोई परेशानी उत्पन्न न हो इसलिए हम सबसे पहले अच्छी तरह सभी की लेखा पूर्ण कर लेते है , इसको पूरा करने के लिए हम जर्नल और सहायक बहियो में लेखा करते है , और इसके बाद objective of accounting in hindi में हम Ledger बनाते है। 2. लाभ – हानि की गणना करना लेखा पूर्ण होने के बाद लेखांकन का दूसरा सबसे important है की साल के अंत में कुल लाभ -हा...

Limitations of accounting in hindi

लेखांकन के माध्यम से हम व्यवसाय के स्वामी और व्यवसाय से सबंधित पक्षकारो को business से सम्बंधित लाभ और वित्तीय स्थिति के विषय में जानकारी सूचनाएं प्रदान करते है , इसके अतिरिक्त इसमें हम कई तरह के सूचनाएं प्रदान करते है , जिनके कुछ सीमाएं होती है Limitations of accounting in hindi में हम इन्ही सीमाएं का बारे में जानेंगे जो की निम्नलिखित है :- व्यक्तिगत निर्णयों से प्रभावित  अपूर्ण सूचना  लेखांकन की अवधारणाओं तथा परम्पराओ पर आधारित  गुणात्मक सूचनाओं का अभाव झूठे दिखावो से प्रभावित  भावी अनुमानों के लिए सही न होना  historical लागतों पर आधारित   व्यक्तिगत निर्णयों से प्रभावित ( limitations of accounting in hindi ) हम जानते है की लेखांकन विज्ञान और कला दोनों है , और अभी तक लेखांकन पूर्ण रूप से विज्ञान नहीं बन पाया है , इस कारण  लेखाकार को विभिन तरह के विषय से खुद के विचारो से निर्णय लेना पड़ता है , उदहारण के लिए किसी तरह के सम्पत्ति पर interest लगाने के लिए सबसे पहले उसके उस सम्पति का वास्तविक मूल्य का अनुमान लगाना पड़ता  है , और मूल्य शुद्ध लगा पा...

Accounting kya hai

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लेखांकन क्या है ? accounting kya hai – ये एक लेखा प्रणाली है , जो की व्यवसाय से सम्बंधित होता है और सभी व्यवसाययिक सम्बंधित सूचनाओं को मौद्रिक रूप में collect करके , उसका सारांश बनाने , और विश्लेषण के लिए प्रयोग किया जाता है।  लेखांकन कला और विज्ञान दोनों है – लेखांकन  कला इसलिए है क्यूंकि उसके द्वारा हम व्यवसाययिक लेन – देन का लेखांकन करना और फिर उसका वर्गीकरण करते है और last में उसका सारांश बनाते है , ताकि हमे accounting kya hai में profit और loss का पता चल सके।  लेखांकन विज्ञान इसलिए है  क्यूंकि ज्ञान की कोई भी संगठित शाखा को की कुछ सिद्धांत पर आधारित हो विज्ञान कहलाती है , इस कारण हम लेखांकन को विज्ञान कह सकते है।  Definitions Of Accounting In Hindi accounting kya hai अमेरिका  की  सर्टिफाइड पब्लिक एकाउंटेंट्स संस्था के  अनुसार – ” लेखांकन एक  कला है  , जिसके द्वारा  वित्तीय लेन – देनो  एवं  परिस्थियो को  मुद्रा  के  रूप  में  लिखा  जा सकता है तथा  उन्हें  महत्वपूर्ण  तरीको से  वर्गीकृत  करके  उनके परिणामो से निष्कर्ष निकाले  जाते है। ”  लेख...

calculation of new profit sharing ratio in hindi

नया लाभ-विभाजन अनुपात ज्ञात करना  calculation of new profit sharing ratio in hindi :- नए साझेदार अपने लाभ का हिस्सा पुराने साझेदारों द्वारा प्राप्त करता है। जिसके कारण पुराने साझेदारों के लाभ में कमी आ जाती है। और इस कारण अन्य लाभ -विभाजन अनुपात को ज्ञात करना पड़ता है, आज हम जानेगें की हम इसको कैसे calculate करते है।  calculation of new profit sharing ratio in hindi calculation of new profit sharing ratio in hindi Method :-01  जब question में केवल नए साझेदार क अनुपात ही दिया होता है और ये स्पष्ट नहीं होता की नए साझेदार ने अपना कितना हिस्सा पुराने साझेदार से किस अनुपात में लिया है , इस परस्थिति में ये मान लिया जाता है की पुराने साझेदारों के लाभ – विभाजन अनुपात में कोई परिवर्तन नहीं है और वो अपने पुराने अनुपात में ही लाभ -हानि का विभाजन करते रहेंगें  Method :-02  कभी -कभी new partner अपने हिस्से को पुराने साझेदार से एक समान अनुपात में प्राप्त करता है। इस condition में पुराने साझेदारों के पुराने हिस्सों में से इस  त्याग अनुपात के हिस्से को घटाकर सभी साझ...

sacrificing ratio kya hota hai

 त्याग अनुपात (Sacrifice Ratio) क्या होता है ? sacrificing ratio kya hota hai :- जब कभी फर्म में न्य साझेदार प्रवेश करता है तो पुराने साझेदारों को अपने हिस्से में से कुछ भाग नए partner क पक्ष में त्याग करना होता है, और जिस अनुपात में वह अपने हिस्से का त्याग करते है उसे त्याग अनुपात कहते है।  sacrificing ratio meaning in hindi sacrificing ratio kya hota hai sacrificing ratio का मतलब त्याग अनुपात होता है, नए साझेदार द्वारा नकद लायी गयी goodwill की राशि को पुराने साझेदारों को उनके द्वारा किये गए त्याग अनुपात में ही प्राप्त किया जाता है ,ऐसा इसलिए क्यूंकि goodwill की राशि एक हानि को पूरा करने वाला स्त्रोत्र है जिसके माध्यम से पुराने साझेदारों को उनके द्वारा किये गए त्याग के बदले प्राप्त होती है।  sacrifice ratio formula class 12 in hindi त्याग अनुपात की गणना निम्न formula के माध्यम से की जाती है :- sacrificing ratio formula त्याग अनुपात = पुराना अनुपात – नया अनुपात  Sacrifice Ratio = Old Ratio – New Ratio Sacrificing ratio calculation example question sacrificing ratio kya hota ...

accounting treatment of goodwill class 12 in hindi

Accounting Treatment of goodwill in hindi  accounting treatment of goodwill class 12 in hindi :- जब कभी नया साझेदार फर्म में प्रवेश करता है तो ख्याति (goodwill) के वहवहार (rules) में परिवर्तन होते है। जो की फर्म पर प्रभाव डालते है आज हम इन treatment के बारे में जानेगें। नए साझेदार के प्रवेश के समय ख्याति का लेखांकन व्हवहार accounting treatment of goodwill class 12 in hindi (Accounting treatment of goodwill on the admision of new partner  Explain the methods of Accounting treatment of goodwill नए साझेदार के प्रवेश के समय ख्याति (goodwill) का वहवहार करने की तीन conditions हो सकती है जो की निम्नलिखित है :- जब नया partner अपने हिस्से की ख्याति (goodwill) premium को नकद में लाता है। जब ख्याति (goodwill) premium का व्यक्तिगत रूप से भुगतान किया जाता है। जब नया साझेदार अपने हिस्से की ख्याति (goodwill) premium को नकद में नहीं लाता है। accounting treatment of goodwill class 12 in hindi जब ख्याति (goodwill) का व्यक्तिगत रूप से भुगतान किया जाता है ( when payment of goodwill/premium privately) जब ...

revaluation of assets and liabilities in hindi

revaluation of assets and liabilities class 12 solutions Revaluation of assets and liabilities in hindi :- नया साझेदार फर्म से प्रवेश करने से पहले इस बात से संतुष्ट होना चाहता है की पुस्तक में दिखाई गयी सम्पतियो और दायित्वों का मूल्य सही है या नहीं इस कारण assets और liabilities का फिर से valuation किया जाता है। सम्पतियो और दायित्वों का पुनर्मुल्यांकन क्या है ? revaluation of assets and liabilities in hindi नए और पुराने साझेदार दोने चाहते है की फर्म के ज़्यादा समय होने के बाद फर्म का पुनर्मुल्यांकन किया जाए क्यूंकि समय ज्यादा  होने पर फर्म के सम्पत्ति और दायित्वों में परिवर्तन हो जाता है और इसका उचित लेखा करना भी आवश्यक होता है। इसको revaluation of assets and liabilities कहते है। सम्पतियो और दायित्वों का पुनर्मुल्यांकन कैसे करते है ? revaluation of assets and liabilities सम्पत्तियो और दायित्वों का पुनर्मुल्यांकन के लिए एक पुनर्मुल्यांकन खाता बनाया जाता है जो की लाभ -हानि समायोजन खाते के समान होता है। इस कारण हम इसमें हानियों की राशि से इस खाते को debit करते है और लाभ की राशि से इस खाते क...

Retirement of a partner in hindi

साझेदार का अवकाश Retirement of a partner Meaning Retirement of a partner in hindi :- साझेदार द्वारा फर्म को एक उचित नोटिस देकर अवकाश ग्रहण करने के अधिकार होता है। किसी नहीं पुराने साझेदार के अवकाश लेने पर पुरनी साझेदारी खत्म हो जाती है, लेकिन फर्म कार्य करती रहती है। जिससे की बचे हुए साझेदारो के बिच एक नयी साझेदारी की स्थापना हो जाती है।  साझेदार के अवकाश लेने पर दिए जाने वाले अधिकार Retirement of a partner in hindi ख्याति में हिस्सा (Share in Goodwill) :- फर्म की ख्याति का जब valuation किया जाता है और अवकाश ग्रहण करने वाले साझेदार के हिस्से की ख्याति को उसके पूंजी खाते में credit कर दिया  है।  सम्पतियो और दायित्वों के revaluation में हिस्सा (share in revaluation of assests and liabilities) :- जब फर्म के अंदर अवकाश ग्रहण करने के तिथि पर सम्पतित्यो और दायित्वों का revaluation किया जाता है और इससे प्राप्त होने वाले लाभ को अवकाश ग्रहण करने वाले साझेदार के हिस्से को उसके पूंजी खाते में क्रेडिट कर दिया जाता और यदि कोई हानि होती है तो उस हानि को debit के तरह लिख दिया जाता है। अवकाश ग्रहण करन...

bh series number plate kya hai

Bharat series Vehicle Mark bh series number plate kya hai :- Bh- series सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा introduce किया गया एक नया vehicle number plate registration mark है। जिसमे माध्यम से  BH mark वाले vehicles owner को अब state बदलने पर नया registration नहीं करना होगा।  Bh series number plate meaning bh series number plate kya hai  जैसा की हम चुके है की  BH series number plate ministry of road transport & highways government of india द्वारा लॉच किया गया एक IT based solution है, जिसके माध्यम से vehicle numbe registration किया जाता है। इससे पहले हमको हर बार दूसरे state में vehicle को चलाने के लिए फिर से vehicle registration कराना पड़ता था, लेकिन अब इसके माध्यम से हम एक ही registration number plate पर other states में vehicle को चला सकते है।  Bh – series number plate notification/Type  Ministry of road transport & highways government of india  द्वारा 26 Aug 2021 को एक नया bh series registration notification निकाला गया था।  जिसमे...

accounting for goods and services tax class 11 notes in hindi

Gst kya hai ? accounting for goods and services tax class 11 notes in hindi :- Gst एक तरह का अप्रत्यक्ष कर होता है, जिसको वस्तु और सेवाओं के क्रय और विक्रय पर लगाया जाता है। ये कर एक पहले से तैयार ( निर्धारित) किये गए दर से लगाया जाता है। Gst पुरे india में एक समान रूप से लागू होता है। accounting for goods and services tax class 11 notes in hindi Meaning of Goods And services Tax GST अधिनियम को संसद  में 24 march 2017 को पास किया गया था, और इस टैक्स को पूरी तरह 1 july 2017 को लागू कर दिया गया था।  इस tax के अनुसार केवल petrollium और शराब को छोड़कर और सभी items के क्रय -विक्रय पर एक निर्धारित tax लगता है। Taxes Marged into GST ( Gst में जोड़े गए कर) GST के अंदर केंद्र और राजकीय सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले कई अप्रत्यक्ष करो को सम्मिलित किया है जो की निम्नलिखित है :- Central Level taxes (केंद्रीय स्तर के कर) उत्पादन शुल्क (Excise Duty) सेवा कर (Service Tax) केंद्रीय बिक्री कर (Central Sales Tax) State Level taxes (राजकीय स्तर के कर) चुंगी और प्रवेश पर लगने वाला कर (Octroi and entry tax) ...

type of gst in hindi

जीएसटी कितने प्रकार के होते हैं type of gst in hindi :- GST को करो के अंतर्गत तीन भागो में बाँटा गया है जो की निम्नलिखित है।  types of tax under gst in hindi type of gst in hindi  केंद्रीय GST (Central GST or CGST) प्रांतीय GST (State GST or SGST) या केंद्र प्रशासित क्षेत्र GST (Union Territory GST or (UTGST) सयुंक्त GST (Integrated GST या IGST) केंद्रीय GST (Central GST or CGST) क्या है ? ये वो GST टैक्स होता है जो की केंद्र के तरफ से लागू  होता है।  state GST या SGST क्या है ? प्रांतीय GST (State GST or SGST) या केंद्र प्रशासित क्षेत्र GST (Union Territory GST or (UTGST) दोनों कर एक ही प्रान्त की सीमाओं पर विक्रय पर लगाया जाता है। जैसे की बिहार का एक व्यापारी, बिहार के ही एक दूसरे व्यापारी या फिर ग्राहक को 50,000 रूपए में माल को विक्रय करता है तो मान लीजिये की इस माल का GST की दर 12 % है तो इसमें 6 % CGST और 6 % SGST माना जायेगा, और विक्रेता को 50,000 रूपए का 12 % यानी 6000 रूपए लेने होंगें जिसमे से 3000 रूपए CGST होगा।  और ये केंद्र सर्कार को जाएगा और 3000 रूपए SGST होगा जो की बिहा...