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characteristics of management in hindi

प्रबंध की विशेषताएं  characteristics of management in hindi – जैसा की हम जानते है की प्रबंध वह एक प्रक्रिया है जिसमे काम को कुशल और प्रभावी ढंग से करने के लिए कर्यो के एक समूह जैसे नियोजन, संगठन, नियुक्तिकरण, निर्देशन और नियंत्रण के माध्यम से पूरा किया जाता है। आज हम प्रबंध की विशेषताएं के बारे में जानेगें जो की विषेशज्ञ द्वारा बनाया गया है है। प्रबन्ध की परिभाषाओं का आधार प्रबन्ध की विशेषताएं ही हैं । एक प्रबन्ध विशेषज्ञ ने प्रबन्ध के किसी विशेष लक्षण को अधिक महत्व देते हुए उसी के आधार पर अपना मत प्रस्तुत किया है तो दूसरे विशेषज्ञ ने किसी दूसरे लक्षण को अधिक महत्व दिया है और के नए विशेषता को बताया है । लेकिन वास्तविकता यह है कि प्रबन्ध में वे सभी लक्षण विद्यमान हैं जो विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुत किए गए हैं । characteristics of management in hindi प्रबंध की विशेषताएं निम्नलिखित है –  यह एक सामूहिक क्रिया होती है ( It is a Group Activity )  यह उद्देश्य प्रधान प्रक्रिया है ( It is Goal Oriented Process) इसका एक पृथक् अस्तित्व है ( It has a Distinct Entity ) यह एक अदृश्य...

kinds of company act 2013 in hindi

कंपनी के प्रकार  कंपनी अधिनियम 2013  के अनुसार रजिस्टर्ड कंपनी निम्न प्रकार के होते है,  और इनको अलग – अलग वर्गीकृत किया जा सकता है। कंपनी को मुख्य रूप से सयुंक्त पूँजी के रूप में विभाजित किया गया है, आगे पढ़े। Types of company in hindi सयुंक्त पूँजी कंपनी  असीमित कंपनी (Unlimited company) गारंटी द्वारा सीमित कंपनी (Company Limited by Gurantee) अंशो द्वारा सिमित कंपनी (Company Limited by shares) निजी कंपनी (Private Company) सार्वजानिक कंपनी (Public Company) एक व्यक्ति कंपनी (One person company) असीमित कंपनी (Unlimited company) क्या है ? असीमित कंपनी एक ऐसी कंपनी होती है, जिसके सदस्यों के दायित्व की कोई सीमा नहीं होती है। इसका मतलब ये होता है की यदि कंपनी को हानि हो जाती है और कंपनी की सम्पतियो उसके ऋणों को चुकाने के लिए पर्याप्त है तो लेनदारों के दावों को चुकाने के लिए सदस्यों को निजी सम्पतियो का प्रयोग किया जाता है। लेकिन कंपनी अधिनियम इनके निर्माण की अनुमति नहीं देता है। गारंटी द्वारा सीमित कंपनी (Company Limited by Gurantee) क्या है ? वो कंपनी जिसमे कंपनी के समापन की दशा में सदस...

objectives of management class 12 in hindi

प्रबंध के उदेशय  objectives of management class 12 in hindi –  हम जानते है की प्रबंध वो प्रक्रिया होती है,जिसमे काम को सही तरीके से करने के लिए कार्यो के के समूह को पूरा किया जाता है।  वैसे ही प्रबंध के उदेस्य से हमारा मतलब उन अंतिम बिंदुओं से है जिन्हें प्राप्त करने के लिए एक संगठन की विभिन क्रियाएँ शामिल होती है। Objectives of  Management What are the three main objectives of management in hindi what are the objectives of management class 12 in hindi प्रबंध के उद्देशय को तीन भागो में बाँटा  जा सकता है जो की निम्नलिखित है – प्रबंध के उद्देश्य – संगठनतक उदेस्य (Organisational Objectives) सामाजिक उदेस्य (Social Objectives) व्यक्तिगत उदेस्य (Individual Objectives) ( 1 ) संगठनात्मक उद्देश्य ( Organisational Objectives ) क्या है ? इसका अभिप्राय संगठन में उपलब्ध मानवीय व भौतिक संसाधनों का उपयोग सभी हितार्थियों के हित में करने से ( It refers to the utilisation of human and physical resources available in the organisation , considering the interest of all stakeholders . ) इन ...

importance of management in hindi

प्रबंधन का महत्व importance of management in hindi – प्राचीन काल में व्यवसाय छोटे पैमाने पर किया जाता था तथा प्रबन्ध का कोई विशेष महत्व नहीं था । अब बड़े पैमाने पर व्यवसाय होने लगा है , परिणामस्वरूप अनेक जटिलताएँ सामने आने लगी हैं । इन जटिलताओं के समाधान के रूप में प्रबन्ध की आवश्यकता महसूस होने लगी है । आज प्रबन्ध की पहचान उस कला के रूप में स्थापित हो चुकी है जिसके द्वारा कम से कम प्रयासों द्वारा • अधिकतम खुशहाली प्राप्त की जा सकती है । आधुनिक प्रबन्ध विशेषज्ञ ड्रकर ( Drucker ) के अनुसार , ” प्रबन्ध प्रत्येक व्यवसाय का गतिशील एवं जीवनदायक तत्त्व है । इसके अभाव में उत्पादन के साधन केवल साधन मात्र ही रह जाते हैं , कभी उत्पादक नहीं वन पाते । ( Management is a dynamic and life – giving element of every business . In its absence the means of production remain merely the means and can never be the producers ) importance of management in hindi – Drucker ) टेरी ( Terry ) के शब्दों में , ” कोई भी संस्था बिना प्रभावी प्रबन्ध के अधिक समय तक सफल नहीं हो सकती । बहुत कु...

Nature of Management class 12 in hindi

nature of management in hindi Nature of Management class 12 in hindi – प्रबंध की प्रकृति को विज्ञानं और कला के रूप में बताया गया है, प्रबंध की प्रकृति में मानना है की प्रबंध कला है या फिर विज्ञान। हम जानेगें  की प्रबंध विज्ञान है या फिर कला इसके लिए अलग – अलग विशेषज्ञ से अपने मत दिए है।  आगे पढ़े। Management is science or art explain in hindi Management is a Science explain in Hindi विज्ञान एवं कला ( Science & Art ) दोनों ही है  सरल शब्दों में कहा जा सकता है कि किसी विषय की जानकारी प्राप्त करना विज्ञान है और प्राप्त जानकारी को प्रयोग में लाना कला उदाहरण के लिए , एक व्यक्ति द्वारा इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना विज्ञान है तथा पढ़ाई के बाद इंजीनियर के रूप में काम करना कला । इसके बारे में हम और अधिक विस्तार से जानते है , आगे पढ़े – प्रबन्ध : विज्ञान अथवा कला के रूप में प्रबंध एक विज्ञान एवं कला दोनों है इस कथन को समझाइए ( Management : ‘ A Science ‘ Or ‘ An Art ’ ) प्रबन्ध की प्रकृति के संबंध में एक विवाद यह है कि ‘ प्रबन्ध विज्ञान है अथवा कला ‘ । कुछ ...

company accounts issue of debentures class 12 in hindi

Issue of Debentures meaning in Hindi ऋणपत्र का अर्थ ( Meaning of Debenture ) : अंश निर्गमन से पूँजी प्राप्त करने के अतिरिक्त , एक कम्पनी जिसे दीर्घकाल के लिए धन की आवश्यकता है , ऋणपत्र निर्गमन के माध्यम से ऋण ले सकती है । कम्पनी द्वारा निर्गमित किया गया ऋणपत्र एक सर्टीफिकेट के प्रारूप में होता है जिस पर कम्पनी की सार्वमुद्रा ( Common Seal ) अंकित होती है । अतः ऋणपत्र कम्पनी द्वारा लिए गए ऋण का एक लिखित प्रमाण है क्योंकि यह क है क्योंकि यह कम्पनी की सार्वमुद्रा के अधीन निर्गमित किए जाते हैं । अ ऋणपत्र में निश्चित तिथि पर मूलधन के शर्तें भी लिखी हुई होती हैं । की शर्तें और निश्चित दर से ब्याज के भुगतान की और पर VETEN ( gd ) ) भुगतान का भारतीय कम्पनी अधिनियम 2013 की धारा 2 ( 30 ) के अनुसार , “ ऋणपत्र में ऋणपत्र स्टॉक , बांड या कम्पनी द्वारा जारी की गई ऐसी और कोई प्रतिभूतियाँ सम्मिलित हैं , चाहे उनसे कम्पनी की सम्पत्तियों पर प्रभार उत्पन्न होता है या नहीं । characteristics of debentures in hindi ऋणपत्र की विशेषता features of debentures in hindi ऋणपत्र की विशेषताएँ ( Characteristics or feat...

Fmea kya hai ? fmea full form

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Fmea kya hai Fmea kya hai – ये एक team based systematic approach है , जिसमे हम हम problems को identifying करते है , Fmea में हम process और design में होने वाले failures को identify करते है और इसका हमारे customer पर क्या effect पड़ सकता है , ये देखते है , किसी भी तरह के failure आने पर उसके कारण को find करते है , और problem को खत्म करने के लिए steps लेते है। Fmea Full Form Failure Mode and Effects Analysis Process और Product में  आने वाले failure और उसके प्रभाव History of Fmea in hindi ( FMEA kya hai ) सबसे पहले Fmea 1950s  में developed हुआ। Ford American Automotive Sector कंपनी द्वारा सबसे पहले अपने यहां लागु किया। बाद में Fmea को Automotive Industry Action Group (AIAG) और American Society For Quality Control Copyright द्वारा 1993 में standard दिया गया। इसका 4th Edition 2008 में publish हुआ था जो अभी तक चल रहा है। FMEA kya hai fmea full form Benefits of Fmea Fmea द्वारा हम इन सभी में Improvement कर सकते है Quality Safety Reliability Types of FMEA in hindi  System Design Process Sy...