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accounting sikhne ka tarika

Accounting Introduction  accounting sikhne ka tarika :- आज हम  बतायेगें की आप कैसे accounting शिख सकते है इसके लिए आपको क्या करना होगा कौन से steps को follow करने होंगें वो सभी आपको बताया जायेगा , accounting सीखने के लिए के क्या – क्या requirement है। Accounting   एक लेखा प्रणाली है , जो की व्यवसाय से सम्बंधित होता है और सभी व्यवसाययिक सम्बंधित सूचनाओं को मौद्रिक रूप में collect करके , उसका सारांश बनाने , और विश्लेषण के लिए प्रयोग किया जाता है। Accounting – लेखांकन कला और विज्ञान दोनों है – लेखांकन  कला इसलिए है क्यूंकि उसके द्वारा हम व्यवसाययिक लेन – देन का लेखांकन करना और फिर उसका वर्गीकरण करते है और last में उसका सारांश बनाते है , ताकि हमे accounting kya hai में profit और loss का पता चल सके। लेखांकन विज्ञान इसलिए है  क्यूंकि ज्ञान की कोई भी संगठित शाखा को की कुछ सिद्धांत पर आधारित हो विज्ञान कहलाती है , इस कारण हम लेखांकन को विज्ञान कह सकते है। Accounting कैसे सीखे ? accounting sikhne ka tarika  accounting बहुत ही अच्छा subject है जिसके माध्...

special purpose subsidiary books class 11 in hindi

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विशेष उदेशय वाली सहायक बहियाँ क्या है ? special purpose subsidiary books class 11 in hindi :-  ये एक तरह का रोकड़ बही (cashbbok) ही है, रोकड़ अभी में हम जान चुके है की उसमे हम लेखा कैसे करते है, रोकड़ बही में हम नकद प्राप्तियों और नकद भुगतानों का लेखा करते है। इसके अतिरिक्त गैर नकद लेन -देनो का लेखा अन्य रोकड़ बही में किया जाता है जिसको विशेष उदेशय वाली सहायक बही कहते है। Special purpose subsidiary books in hindi विशेष उदेशय वाली सहायक बही के प्रकार :-  क्रय बही (Purchases Book) क्रय वापसी बही (Purchases Return Book) विक्रय बही (Sales Book) विक्रय वापसी बही (Sales Return Book) प्राप्य विपत्र पुस्तक (Bills Receivable Book) देय विपत्र पुस्तक (Bills Payable Book) मुख्य रोजनामचा (Journal Proper) Note :- सभी सभी तरह के कंपनी या फिर व्यापारियों को ये जरूरत नहीं है की वो उपरोक्त सभी विशेष उदेशय वाली सहायक बहियाँ बनाये, जबकि वो अपने business के अनुसार सभी या फिर कुछ सहायक बहियाँ बना सकते है। What is Purchases Book in hindi क्रय बही  क्या है ? क्रय बही में हम सिर्फ उधार खरीदे गए माल का लेखा करते है...

format of ledger class 11 in hindi

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format of ledger class 11 format of ledger class 11 in hindi – खाताबही में हर तरह के खाते को दो भागों में विभाजित किया जाता है। इसके बाईं तरफ के भाग को डेबिट पक्ष और दाई तरफ के भाग को क्रेडिट पक्ष कहते है। क्यूंकि सभी खाते English के  “T”  अक्षर के प्रारूप में होते है। इस कारण ledger format को  “T” खाते भी कहते है। ledger का format निम्न है – खाताबही का प्रारूप ((Format of Ledger) जैसा की खाताबही के उपरोक्त दिए गए format image से हम समझ सकते है की खाताबही के डेबिट पक्ष में भी चार खाने होते है और क्रेडिट पक्ष में भी चार खाने होते है जो इस प्रकार से प्रयोग किये जाते है – तिथि (Date) – इस खाने में किसी लेन – देन की जर्नल में लिखी गयी तिथि लिखी जाती है।  विवरण (Particulars) – हर तरह के लेन – देन से दो खाते प्रभावित होते है। इसमें हम उस दूसरे खाते का नाम लिखते है जो उस लेन – देन से प्रभावित हुआ है।  पेज संख्या (JournalFolio or J.F) – इस खाने में जर्नल के या सहायक बही के उस पन्ने की संख्या लिखी जाती है जिस पन्ने से ...

what is accounting standards in hindi

  Accounting standards क्या है ? what is accounting standards in hindi :- accounting standards एक मानक है जिसके अनुसार किसी भी कंपनी का लाभ हानि स्थिति विवरण , वित्तीय विवरण सभी इन प्रमाप के आधार से  होना चाहिए ये मानक Indian institute of charted accountant द्वारा संशोधित कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 133 के अंतर्गत कार्य करती है , और ये सभी नियम केंद्र सरकार द्वारा नियंत्रित किये जाते है Concepts of accounting standards in hindi लेखांकन प्रमापों को लेखांकन संस्थाओ द्वारा प्रकासित किये गए विवरणों द्वारा परिभाषित किया जा सकता है , जिसमे वित्तीय स्थिति बनाने के लिए के समान नियम और व्यवाहर निश्चित किये गए हो।

Accounting principles kya hai

Meaning of Accounting Principles ( लेखांकन सिद्धांतो का अर्थ ) Accounting principles kya hai :- पहले के समय में लेखांकन विवरणों को केवल व्यवासय के स्वामी की ही जररूत होती थी , लेकिन अब व्यवसाय में हित रखने वाले विभिन पक्षकारो जैसे :- विनियोगकर्ता , व्यवसाय के स्वामी , लेनदार , सरकार को इनको जरूरत होती है , लेखांकन विवरण पक्षकारो के सामने व्य्वसाय को लाभप्रदर्ता और क्षमता को दिखात है , और ये सभी विवरण एक निश्चित नियमो के आधार पर बनाये जाते है , इस कारण ये नियम सर्वमान्य लेखांकन  सिद्धांत कहलाता है।  लेखांकन सिद्धांत की प्रकृति और विशेषतएं ( nature of accounting principles in hindi ) accounting principles in hindi लेखांकन सिद्धांत एक मार्गदर्सक और एक सामान नियम है , जिसका प्रयोग लेखांकन सूचनाओं को एक जैसा बनाने और आसानी से समझने योग्य बनाने के लिए किया  जाता है।  लेखांकन principles मानवकृत है , इनका निर्माण अनुभव के आधार पर किया गया है।  ये principles स्थिर नहीं होते , और कुछ नीतियां बदलने के बाद इसमें भी परवर्तन आता रहता है।  लेखांकन principles किसी भी स्वीकार्यता पर निर्भर नहीं करती है...

Types of accounting class 11 in hindi

Types of accounting class 11 in hindi :- आज के आधुनिक प्रबंध को कार्यो को और अधिक कुशलतापूर्वक करने के लिए कई तरह के डाटा सूचनाओं की आवश्कता होती है  , इसके लिए प्रबंध को और सही बनाने के लिए लेखांकन में कई तरह के शखाओ का विकास हुआ है जो इस प्रकार  है :-  वित्तीय लेखांकन ( Financial Accounting ) लागत लेखांकन ( Cost Accounting ) प्रबंध्कीय लेखांकन ( Management Accounting ) कर लेखांकन  ( Tax Accounting ) सामाजिक दायित्व लेखांकन ( Social Responsibility Accounting ) 1. वित्तीय लेखांकन ( Financial Accounting )  इसका मुख्य उदेशय व्यवसायिक लेन -देनो का सही तरह लेखा रखना है , और लाभ -हानि खाता बनाकर व्यस्वसाय  में हुए लाभ – हानि को ज्ञात करना है , इसके बाद स्थिति विवरण बनाकर व्यस्वसाय  की वित्तीय स्थिति को प्रकट करना है।  और लेखांकन के इस भाग द्वारा कारको और पक्षकारो को सूचनाएं भी दी जाती है।  2. लागत लेखांकन ( Cost Accounting ) types of accounting class 11 in hindi लागत लेखांकन  का उदेश्य व्यस्वसाय में प्रयोग होने वाली सभी वस्तुएँ और दी जाने वाली सेवाएं की कुल लागत क्या है और प्रति इकाई ...

Functions of accounting in hindi

Functions of accounting meaning in hindi लेखांकन के वो कार्य जो सही तरह लेखा करने में  मदद करते है functions of accounting in hindi कहलाता है इसमें हम कई तरह के कार्य द्वारा accounting की प्रक्रिया को सरल बनाते है , और अच्छी तरह से लेखांकन करते है। लेखांकन के कार्य ( Functions of accounting in hindi ) निन्मलिखित है :-  functions of accounting class 11 4 functions of accounting पूरा और सही तरह लेखा रखना विभिन्न पक्षकरो को  वित्तीय परिणामो की जानकारी देना व्यवसाय की सम्पतियो की सुरक्षा करना प्रबंध को सहायता देना Legal ( वैधानिक ) जरूरतों को पूरा करना ट्रस्टी द्वारा कार्य दायित्व को निर्धारण करना Basic functions of accounting जाने लेखांकन के क्या उदेशय है यहां click करे।  प्रमुख कार्य निन्मलिखित है :- 1. पूरा और सही तरह लेखा रखना  ये लेखांकन का सबसे प्रमुख कार्य है जिसमे हम व्यावसायिक लेन – देनो को सही तरह लेखा करते है , इसमें शामिल खाता बही ( Ledger ) को सही तरह भरना और वित्तीय विवरण और लाभ -हानि का विवरण तैयार किया जाता है। 2. विभिन्न पक्षकरो को  वित्तीय परिणामो की जानकारी देना सह...

objective of accounting in hindi

लेखांकन के उद्देश्य क्या है ? लेखांकन की वो सभी कार्य जो व्यवसाय में लाभ अर्जित करने में  अहम् भूमिका रखते है लेखांकन के उदेशय  ( objective of accounting in hindi )  कहलाते है लेखांकन के उद्देश्य निन्मलिखित है Objective of accounting in hindi  objective meaning व्यावसयिक लेन – देनो का लेखा रखना। लाभ – हानि की गणना करना। शुद्ध लाभ और शुद्ध हानि के कारणों को पता लगाना है। व्यवासय की वित्तीय स्थिति  को ज्ञात करना। व्यवसाय की प्रति वर्ष की प्रगति को ज्ञात करना। हानि को होने से रोकना। विभिन्न पक्षकरो को जानकारी देना। 1. व्यावसयिक लेन – देनो का लेखा रखना  लेखांकन में हम सबसे पहले सभी व्यावसयिक लेन -देनो का लेखा करते है , ताकि किसी भी तरह से कोई परेशानी उत्पन्न न हो इसलिए हम सबसे पहले अच्छी तरह सभी की लेखा पूर्ण कर लेते है , इसको पूरा करने के लिए हम जर्नल और सहायक बहियो में लेखा करते है , और इसके बाद objective of accounting in hindi में हम Ledger बनाते है। 2. लाभ – हानि की गणना करना लेखा पूर्ण होने के बाद लेखांकन का दूसरा सबसे important है की साल के अंत में कुल लाभ -हा...

Limitations of accounting in hindi

लेखांकन के माध्यम से हम व्यवसाय के स्वामी और व्यवसाय से सबंधित पक्षकारो को business से सम्बंधित लाभ और वित्तीय स्थिति के विषय में जानकारी सूचनाएं प्रदान करते है , इसके अतिरिक्त इसमें हम कई तरह के सूचनाएं प्रदान करते है , जिनके कुछ सीमाएं होती है Limitations of accounting in hindi में हम इन्ही सीमाएं का बारे में जानेंगे जो की निम्नलिखित है :- व्यक्तिगत निर्णयों से प्रभावित  अपूर्ण सूचना  लेखांकन की अवधारणाओं तथा परम्पराओ पर आधारित  गुणात्मक सूचनाओं का अभाव झूठे दिखावो से प्रभावित  भावी अनुमानों के लिए सही न होना  historical लागतों पर आधारित   व्यक्तिगत निर्णयों से प्रभावित ( limitations of accounting in hindi ) हम जानते है की लेखांकन विज्ञान और कला दोनों है , और अभी तक लेखांकन पूर्ण रूप से विज्ञान नहीं बन पाया है , इस कारण  लेखाकार को विभिन तरह के विषय से खुद के विचारो से निर्णय लेना पड़ता है , उदहारण के लिए किसी तरह के सम्पत्ति पर interest लगाने के लिए सबसे पहले उसके उस सम्पति का वास्तविक मूल्य का अनुमान लगाना पड़ता  है , और मूल्य शुद्ध लगा पा...