Trial balance kaise banaya jata hai

Trial balance kaise banaya jata hai

Trial balance kaise banaye

Trial balance kaise banaya jata hai :- trial balance क्या होता है जानने के बाद ये ज्ञात होना चाहिए की trial balance कैसे बनाते है ? Trial balance बनाने के लिए खाताबही में जिस खाते का debit शेष होता है उसको हम तलपट के debit पक्ष में लिख देते है। और जिस खाते का credit शेष होता है उसको credit पक्ष में लिख दिया जाता है। 

तलपट कैसे बनाते हैं Trial balance kaise banaya jata hai

trial balance (तलपट) बनाने के लिए सबसे पहले खाताबही में हम जिस खाते का debit शेष होता है उस खाते को तलपट के debit पक्ष में लिख दिया जाता है, और इसके बाद हम जिस खाते का credit शेष होता है उसके हम तलपट में credit पक्ष में लिख दिया जाता है। और यदि जिस खाते का कोई शेष नहीं होता ( यानी जिन खातों का debit और credit का जोड़ एक दूसरे के बराबर होता है ) उन्हें हम तलपट में नहीं लिखते है। 

इतना बना लेने के बाद हम तलपट के debit पक्ष और credit पक्ष का जोड़ कर लेते है। यदि जोड़ करने पर जोड़ बराबर मिलता है तो हम ये कहते है की तलपट मिल गया है। 

Note :- इस method तलपट तभी तैयार किया जा सकता है, जब सभी खातों के शेष निकाल लिए गए हो। 

तलपट कब बनाया जाता है तलपट कब तैयार किया जाता है ?

तलपट को हम कभी भी तैयार कर सकते है , इसको हम हर महीने , हर तिमाही में , हर छमाही में , या फिर वर्ष के अंत में बना सकते है। 

मुख्यता trial balance को हर लेखांकन अवधि के अंत में तैयार किया जाता है,  जिसके माध्यम से अंतिम खाते बनाने से पहले खाताबही के सभी खातों की शुद्धता को जांच हो सके। 

Note :- इस बात को याद रखे की trial balance (तलपट) को हमेशा एक विशेष तिथि पर तैयार करते है न की किसी विशेष अवधि पर। 

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इस पोस्ट Trial balance kaise banaya jata hai में हमने जाना की हम तलपट को कैसे बनाते है , इसमें हमने ये भी जाना की तलपट को कब बनाया जाता है। यदि आप और अधिक तलपट के बारे में जानना चाहते है तो आप हमारे accounting category में जा कर जान सकते है। और आप हमें comment भी कर सकते है। 

 

 

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