Home » special purpose subsidiary books class 11 in hindi

special purpose subsidiary books class 11 in hindi

विशेष उदेशय वाली सहायक बहियाँ क्या है ?

special purpose subsidiary books class 11 in hindi :-  ये एक तरह का रोकड़ बही (cashbbok) ही है, रोकड़ अभी में हम जान चुके है की उसमे हम लेखा कैसे करते है, रोकड़ बही में हम नकद प्राप्तियों और नकद भुगतानों का लेखा करते है। इसके अतिरिक्त गैर नकद लेन -देनो का लेखा अन्य रोकड़ बही में किया जाता है जिसको विशेष उदेशय वाली सहायक बही कहते है।

Special purpose subsidiary books in hindi

विशेष उदेशय वाली सहायक बही के प्रकार :-

  •  क्रय बही (Purchases Book)
  • क्रय वापसी बही (Purchases Return Book)
  • विक्रय बही (Sales Book)
  • विक्रय वापसी बही (Sales Return Book)
  • प्राप्य विपत्र पुस्तक (Bills Receivable Book)
  • देय विपत्र पुस्तक (Bills Payable Book)
  • मुख्य रोजनामचा (Journal Proper)

Note :- सभी सभी तरह के कंपनी या फिर व्यापारियों को ये जरूरत नहीं है की वो उपरोक्त सभी विशेष उदेशय वाली सहायक बहियाँ बनाये, जबकि वो अपने business के अनुसार सभी या फिर कुछ सहायक बहियाँ बना सकते है।

What is Purchases Book in hindi

क्रय बही  क्या है ?

क्रय बही में हम सिर्फ उधार खरीदे गए माल का लेखा करते है, यही पर माल का मतलब वस्तुओं से है जो की कोई  भी फर्म business कर रही है, और माल वो वस्तुएँ होती है जो की पुन्नः विक्रय के लिकए खरीदी जाती है जैसे की कोई कपड़े काव्यापारी कपड़ा खरीदता है तो वो इसको माल कहते है और इसका लेखा क्रय बही में भी किया  जाता है।

लेकिन यदि कोई कपड़े का व्यापारी ग्राहकों के बैठने के लिए furtiner (कुर्सी) खरीदता है तो करता है तो इसको सम्पति माना जाता है और हम इसका लेखा क्रय बही में भी नहीं करते है, और इस तरह के बही को बीजक बही या दैनिक बही भी कहते है।

क्रय बही में निम्नलिखित का लेखा नहीं किया जाता –

  • नकद क्रय (cash purchase) – इसमें हम नकद क्रय का लेखा नहीं करते है ऐसा इसलिए क्यूंकि हम जानते है की  नकद लेन – देनो का लेखा रोकड़ बही में किया जाता  है।
  • सम्पतियो का खरीदना (Purchase of Assets) – इस तरह के बही में हम सिर्फ उधार क्रय किये goods (माल ) का ही लेखा करते है। और यदि कोई भी सम्पति उधार या फिर नकद खरदीदी जाए जैसे furniture, machine आदि तो हम इनका लेखा इस बही में नहीं करते है। और सम्पत्तियो का लेखा उधार खरीदने पर journal proper में लेखा किया  जाता है और कोई माल नकद खरीदने पर रोकड़ बही ,में लेखा किया जाता है।

how to do purchase book in hindi क्रय बही लेखा करने का आधार 

जब कभी व्यापारी goods को क्रय करता है तो वो विक्रेता से goods का बिल भी प्राप्त करता है जिसमे goods quantiy, goods price, और discount आदि सभी का विवरण दिया हुआ होता है।  और इसको हम बिल या बीजक भी कहते है। इसके अतिरिक्त क्रय बही में बिल के ही आधार पर लेखा किया जाता है।

what is trade discount in hindi 

व्यापारिक छूट क्या है – व्यापारिक छूट माल के बिल में से घटाकर लिखी गयी राशि होती है। और माल के सूचि मूल्य में से व्यापारिक छूट घटाकर जो शेष amount बचता है उसको हम क्रय बही में लेखा नहीं करते है। जैसे की ₹ 10,000 मूल्य का माल 20 % व्यापारिक छूट पर ख़रीदा जाता है तो क्रय बही में केवल ₹ 8,000 का ही लेखा किया जाएगा।

format of purchase book class 11 

PURCHASE BOOK

purchase book formate

क्रय बही खानों का मतलब :-

  1. दिनाक (Date) – उधार क्रय किया गए माल के दिनांक को इस खाने में  लिखते है।
  2. विवरण (Particulars) – इसमें हम उन व्यापारी के नाम को लिखते है जिनसे माल को उधार खरीदा जाता है। और इस खाने में माल की मात्रा, दर, कुल व्यय और trade discount सभी लिखे जाते है।
  3. बिल – बीजक नंबर (Inovoice No.) – इसमें हम उस बीजक या बिल का नंबर लिखते है जिसके bases पर इस बही में लेखा को किया जाता है।
  4. खाता पेज संख्या (Ledger Folio Or L.F) –  इस खाने में हम बही के उस page का नंबर लिखते है जिस पर खतौनी की गयी है।
  5. विस्तार (Details) – इसमें हम अलग – अलग तरह के माल का मूल्य का लेखा करते है,  खाने में माल के मूल्य में से trade discount (व्यापारिक छूट) को घटाते है और Input CGST, Input SGST या Input IGST को apply (जोड़ते) है।
  6. क्रय (Purchase) – इसमें हम ख़रीदे गए माल की शुद्ध राशि सभी तरह के discount आदि को घटाकर लिखते है।
  7. Input Central GST (IGST) kya hai –  यह igst एक ही प्रान्त के अंदर किये गए क्रय पर चुकाया जाता है। और ये कर विक्रेता द्वारा करता से शुद्ध विक्रय मूल्य यानी sale prize less Trade Discount पर charge किया जाता है।
  8. Input State GST (SGST) –  ये एक तरह का कर है जो की एक ही प्रान्त के नादर किये गए क्रय पर चुकाया जाता है और इसकी गणना भी सुध विक्रय मूल्य पर की जाती है। और इस खाते की जोड़ की खतौनी खाताबही में Input SGST A/c में डेबिट किया जाता है।
  9. Input Integrated GST  क्या है ? – ये वो कर होता है जो की प्रान्त के बहार से क्रय पर चुकाया जाता है।  इसकी गणना सुध विक्रय मूल्य पर किया जाता है। और हम इस खाने के जोड़ की खातौनी खाताबही में Input IGST A/c में debit किया जाता है।
  10. कुल योग (Total Amount ) क्या है – हर एक लेन -देन की कुल राशि को खाते में लिखा जाता है और हर एक इस खाने के जोड़ की खतौनी खाताबही में supplier के खाते के credit पक्ष में किया जाता है।

special purpose subsidiary books class 11 in hindi

नोट  :- इसमें हम किसी भी लेन – देन पर या तो CGST + SGST लगाते है या सिर्फ IGST लगाया जाता है। example के लिए मान लेते है की CGST की दर 6 % है और SGST  भी 6% है तो यदि किसी प्रान्त के अंदर ही क्रय किया गया है तो CGST 6 % + SGST 6 % लगाया जाता है।  और यदि प्रान्त के बहार से क्रय किया गया है तो केवल IGST ही 12 % की दर से लगाया जाता है।

Read also This –

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *